नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर बीसीसीआई ने सख्त रवैया अपनाते हुए उनपर जुर्माना लगाया है। भिंडर पर यह जुर्माना आईपीएल 2026 के एक मैच के दौरान डगआउट के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने को लेकर लगाया गया है। यह मैच 10 अप्रैल को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ खेला गया था।
आईपीएल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने मैच के दौरान डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और अगले 48 घंटों के भीतर उनसे जवाब मांगा था।
भिंडर 2008 में लीग की शुरुआत से ही राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हुए हैं और 15 साल के सूर्यवंशी के स्थानीय अभिभावक के तौर पर भी काम करते हैं। 2016 और 2017 में राजस्थान रॉयल्स पर लगे बैन के दौरान भिंडर राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के साथ थे।
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) भिंडर की सफाई से संतुष्ट नहीं थी, जिसके चलते उनपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी गई है। भिंडर ने हालांकि अपनी गलती स्वीकार कर ली है और बिना शर्त माफी मांग ली है।
आईपीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध पीएमओए (खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र) दिशानिर्देशों के अनुसार, “टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में नहीं।”
आईपीएल के 2026 के पीएमओए प्रोटोकॉल में कहा गया है, “मैनेजर ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में नहीं। विश्लेषक अपनी टेबल पर अपने कंप्यूटर का उपयोग कर सकते हैं। खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के फोन, स्मार्टवॉच या अन्य संचार उपकरण स्टेडियम पहुंचने पर बंद करके टीम के ‘एसएलओ’ को सौंप दिए जाने चाहिए।”
इसके अनुसार, “मान्यता प्राप्त कर्मचारी, जैसे ड्रेसिंग रूम अटेंडेंट, आईपीएल मैच मैनेजर, कैटरिंग स्टाफ आदि, पीएमओए में संचार उपकरण नहीं ले जा सकते।”















