
नई दिल्ली/ग्लासगो।
ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेलों का शानदार आगाज हुआ। हाइड्रो स्टेडियम (OVO
Hydro Arena) में भारतीय दल ने वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और लवलीना के
नेतृत्व में तिरंगे के साथ मार्च पास्ट किया। भारतीय दल इस बार अपने अब तक के
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के इरादे से पहुंचा है। शुक्रवार को मुकाबले शुरू हो गए और भारतीय
एथलीट्स ने अपने अभियान की जीत के साथ की।
हायड्रो एरिना में जब 126 सदस्यीय भारतीय दल ने प्रवेश किया, तो पूरा स्टेडियम
तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू के हाथों
में तिरंगा लहरा रहा था तो लवलीना बोरगोहेन के हाथों में ‘किंग्स बैटन’ (King’s
Baton)थी।
ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय की मौजूदगी में इस भव्य उद्घाटन समारोह में
भारतीय दल की एंट्री सबसे खास रही। कभी ब्रिटिश औपनिवेशिक साए में शुरू हुए इन
खेलों के मंच पर भारत पदक तालिका में शीर्ष तीन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने
उतरेगा। बीते दो दशकों में भारतीय एथलीटों ने अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया हो।
इन खेलों से एशियन गेम्स के लिए भी मजबूती मिलेगी।
भारत का पदकों में चौथा स्थान
सर्वकालिक पदक तालिका में भारत का चौथा रहा है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा ही
भारत से ऊपर हैं।
ये सबसे बड़ी उम्मीद
मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग), लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग) और नीरज चोपड़ा
(एथलेटिक्स) जैसे दिग्गजों से पदक की पूरी उम्मीद है।
-आंकड़ों की बानगी-
कुल पदक 564* (203 स्वर्ण, 190 रजत, 171 कांस्य)
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
दिल्ली 2010 (कुल 101 पदक 38 स्वर्ण, 27 रजत, 36 कांस्य)
पहला पदक किस खेल में आया?
भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला पदक 1934 (लंदन) में जीता था, जब
पहलवान राशिद अनवर ने कुश्ती (74 किग्रा फ्रीस्टाइल) में कांस्य पदक अपने नाम
किया था।
उड़न सिख का ऐतिहासिक स्वर्ण
महान धावक मिल्खा सिंह 1958 के कार्डिफ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर स्वतंत्र भारत
के पहले CWG गोल्ड मेडलिस्ट बने थे।
सबसे सफल एथलीट
पिस्टल शूटर जसपाल राणा राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत के सबसे सफल
खिलाड़ी हैं। उन्होंने 15 पदक (9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य) जीते हैं।
महिला एथलीटों का ऐतिहासिक आगाज़
1978 के एडमॉन्टन खेलों में बैडमिंटन खिलाड़ी अमी घिया और कंवल ठाकुर सिंह की
जोड़ी ने महिला युगल में कांस्य जीतकर इतिहास रचा था। वे CWG में पदक जीतने
वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी थीं।


















