क्रिकेट
सचिन तेंदुलकर- ‘क्रिकेट का भगवान’ कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और शतक बनाने का रिकॉर्ड है। भारत रत्न से सम्मानित सचिन के नाम 34,357 रन और 100 शतकों का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। मास्टर ब्लास्टर सचिन ने अपने 24 साल के क्रिकेट करियर (1989-2013) में 200 टेस्ट और 463 वनडे मैच खेले। वनडे में पहला दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी तेंदुलकर के ही नाम है।
एमएस धोनी- पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी आईसीसी की सभी ट्रॉफियां (टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी) जीतने वाले एकमात्र कप्तान हैं। धोनी के नाम 50+ औसत के साथ वनडे में 10,000 से ज्यादा रन, विकेटकीपर के रूप में सर्वाधिक रन (नाबाद 183), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करीब 200 स्टंपिंग और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 332 मैचों में कप्तानी करने का रिकॉर्ड है। उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स पांच बार आईपीएल चैंपियन बन चुकी है।
विराट कोहली: ‘रन मशीन विराट कोहली के नाम सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। किंग कोहली के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 85 शतक है, जोकि महान सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे सबसे अधिक हैं। कोहली की कप्तानी में भारत ने 2008 में अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता था।
रोहित शर्मा: ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के नाम वनडे में सबसे ज्यादा तीन दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड है। वनडे में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (नाबाद 264 रन) बनाने का रिकॉर्ड भी हिटमैन के ही नाम है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के (650+), और टी20I में 100+ छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के ही नाम है। अपनी कप्तानी में वो मुंबई इंडियंस को पांच आईपीएल खिताब जिता चुके हैं।
मिताली राज: पूर्व भारतीय महिला कप्तान मिताली राज के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा 10 हजार से ज्यादा रन है। उन्होंने वनडे में 7 शतक और 64 अर्धशतक जड़े जबकि टेस्ट में एक दोहरा शतक लगाया। वह 200 से ज्यादा वनडे मैच खेलने वाली एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं।
फुटबॉल
दिग्गज भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो (140+) और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी (110+) के साथ टॉप-5 की लिस्ट में शामिल हैं। छेत्री के नाम 157 मैचों में 95 गोल है।
बाइचुंग भूटिया- भारतीय फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक बाइचुंग भूटिया के नाम 107 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 42 गोल है। वह 1999 में यूरोपीय क्लब (बरी एफसी, इंग्लैंड) के साथ अनुबंध करने वाले पहले भारतीय फुटबॉलर बने थे।
हॉकी
मेजर ध्यानचंद- इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में जन्मे ध्यान सिंह चंद को हॉकी का जादूगर कहकर पुकारा जाता है। उन्हें इस खेल में बहुत महारत हासिल थी और वो गेंद को अपने नियंत्रण में रखने में इतने निपुण थे कि वो ‘हॉकी जादूगर’ और ‘द मैजिशियन’ जैसे नामों से प्रसिद्ध हो गए। उनके नाम ओलंपिक में कई गोल दर्ज है। उनके जन्म दिवस 29 अगस्त के दिन भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। 3 दिसंबर 1979 हॉकी के इस जादूगर का निधन हो गया।
धनराज पिल्लै- धनराज पिल्लै ने 1989 से 2004 तक 15 वर्षों के दौरान 339 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 4 ओलंपिक और 4 विश्व कप में खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही वह चार एशियाई खेलों में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
निशानेबाजी
अभिनव बिंद्रा- दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के नाम ओलंपिक के इतिहास में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड है। बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में देश के लिए सोने पर अचूक निशाना लगाया था।
मनु भाकर- मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता और फिर इसी ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और कांस्य पदक अपने नाम किया।
बैडमिंटन
पीवी. सिंधु- ओलंपिक विजेता पीवी सिंधु बैडमिंटन में दो ओलंपिक पदक विजेता जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक में रजत और 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य जीते थे। सिंधु के नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांच पदक है, जिसमें 2019 का स्वर्ण पदक भी शामिल है।
साइना नेहवाल– 2012 लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल ने अपने 12 साल के बैडमिंटन करियर के दौरान 24 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय खिताब जीते। उनकी सबसे बड़ी जीत 2012 में लंदन ओलंपिक में आई थी जब उन्होंने कांस्य पदक जीते थे।
एथलेटिक्स
नीरज चोपड़ा- भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वह 2008 बीजिंग ओलंपिक में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के 10 मीटर एयर राइफल में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद किसी व्यक्तिगत ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बने। नीरज ने इसके बाद 2024 पेरिस ओलंपिक में भी भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।
मिल्खा सिंह- ‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह ने तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों (400 मीटर) में स्वर्ण पदक, 1958 के एशियाई खेलों (200 मीटर और 400 मीटर) में स्वर्ण पदक और 1962 के एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक जीते। उन्हें 1958 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। फरहान अख्तर की फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में उनके जीवन को दर्शाया गया है, जोकि भारत की सबसे प्रेरणादायक खेल कहानियों में से एक है।
पीटी. उषा- ‘उड़नपरी’ के नाम से मशहूर पीटी उषा ने 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन वो करीबी अंतर से पदक जीतने से चूक गईं थीं। उषा ने अपने शानदार करियर में 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मान और 100 से अधिक पदक अर्जित किए।
कुश्ती
सुशील कुमार- पहलवान सुशील कुमार के नाम ओलंपिक में दो पदक जीतने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक और 2012 लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था। साथ ही वह विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय हैं। सुशील के शानदार प्रदर्शन के बाद रवि कुमार दहिया, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने भी ओलंपिक में पदक जीते।
मुक्केबाजी
विजेंदर सिंह- विजेंदर सिंह ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में देश के लिए कांस्य पदक जीता था। उन्होंने बाद में पेशेवर मुक्केबाजी का रुख किया, जहां अब तक उनका रिकॉर्ड 13-1 का है। खेल के अलावा वह राजनीति में भी सक्रिय हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं।
मैरी कॉम- छह बार की वर्ल्ड चैंपियन और भारत की दिग्गज महिला मुक्केबाज मंगते चुंगनेइजांग मैरी कॉम को ‘मैरी कॉम’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। मैरी कॉम के बाद लवलीना बोर्गाहेन भी ओलंपिक में पदक जीत चुकी हैं।
टेनिस
दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने 1996 अटलांटा ओलंपिक में देश के लिए कांस्य पदक जीता था। उससे पहले वह 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक में पदक के काफी करीब जाकर इससे चूक गए थे।
सानिया मिर्जा: भारत की दिग्गज महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने अपने करियर में कुल छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। इनमें तीन महिला डबल्स और तीन मिक्स डबल्स खिताब शामिल हैं। इसके अलावा वह चार ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
भारोत्तोलन
कर्णम मल्लेश्वरी- साधारण परिवार से आने के बाद भी कर्णम मल्लेश्वरी ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भारोत्तोलन खिलाड़ी बनीं। वेटलिफ्टर मल्लेश्वरी ने 19 सितंबर 2000 को सिडनी ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में 54 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था।
मीराबाई चानू: मीराबाई चानू ने पिछले एक दशक से अपनी सनसनी प्रदर्शन से भारतीय वेटलिफ्टिंग को नई ऊंचाइयां दी है। 2016 रियो ओलंपिक की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
टेबल टेनिस
मनिका बत्रा- मनिका बत्रा ओलंपिक में एकल राउंड ऑफ 32 में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक में यह उपलब्धि हासिल की थी। मनिका ने इससे पहले 2016 रियो ओलंपिक में डेब्यू किया था। उनका बेस्ट प्रदर्शन 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में आया था जब उन्होंने दो स्वर्ण सहित चार पदक जीते थे।














