भारत में खेलों में एक नई क्रांति लाने में लीगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। विभिन्न खेलों में लीगों की शुरुआत होने से ना सिर्फ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है बल्कि वे आर्थिक रूप से भी खुद को सशक्त बना रहे हैं। देश में विभिन्न खेलों में विभिन्न लीगों के शुरू होने से खेलों के क्षेत्र में एक नई क्रांति आई है। पिछले दो दशक के दौरान भारत में शुरू हुई लीगों पर एक नजर।
- इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)
देश में अगर कोई लीग सबसे ज्यादा सफल हुई है तो वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) है। साल 2008 में इसका पहला सीजन खेला गया था और तब से लेकर अब साल 2025 तक इसके 18 सीजन खेले जा चुके हैं। इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों की बोली करोड़ों में लगती है। शुरुआत में इसमें 8 टीमें भाग लेती थी, लेकिन अब इसमें 10 टीमें खेल रही हैं। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस इस लीग की सबसे सफल टीमों में से एक हैं।
- इंडियन सुपर लीग (ISL)
भारत में फुटबॉल को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए साल 2013 में इंडियन सुपर लीग (ISL) की शुरुआत की गई थी। इस लीग से पूरे भारत की 12 टीमें खेलती है। हालांकि फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहे इस लीग में अब से 14 टीमें भाग लेंगी। इस लीग में भाग लेने वाली टीमों में मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, केरला ब्लास्टर्स, मुंबई सिटी, बेंगलुरु एफसी, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी आदि है।
- हॉकी इंडिया लीग (HIL)
हॉकी इंडिया लीग (HIL) की शुरुआत भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान के लिए की गई थी। साल 2013 में पहली बार शुरू हुई भारत की इस पेशेवर लीग का आयोजन हॉकी इंडिया द्वारा किया जाता है। साल 2025-26 में हॉकी इंडिया लीग सात साल के लंबे अंतराल के बाद वापसी हुई। इसमें पहली बार महिला और पुरुष दोनों प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस लीग को शुरू करने के पीछे हॉकी इंडिया का मकसद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों को एक बेहतरीन मंच देना और उन्हें दुनिया के शीर्ष विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका देना है। रांची राइनोज और कलिंगा लांसर्स इस लीग की सबसे सफल टीमों में से एक है।
- प्रो कबड्डी लीग (PKL)
प्रो कबड्डी लीग (PKL) को भारत की तीसरी सबसे लोकप्रिय लीग मानी जाती है। इस लीग की शुरुआत साल 2014 से मशाल स्पोर्ट्स द्वारा की जा रही है। इस लीग के जरिये देश में कबड्डी को एक नई ऊंचाई मिली है। इस लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों की बोली भी करोड़ों में लगती है। पवन सहरावत, प्रदीप नरवाल और नवीन कुमार जैसे खिलाड़ी, पीकेएल से ही सुर्खियों में आए। साल 2025 में पीकेएल का 12वां सीजन खेला गया, जिसमें दबंग दिल्ली केसी ने फाइनल में पुनेरी पलटन को हराकर दूसरी बार खिताब जीता।
- प्रो रेसलिंग लीग (PWL)
भारत में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए साल 2015 में प्रो रेसलिंग लीग (PWL) की शुरुआत की गई थी। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) और प्रोस्पोर्टिफाई मिलकर इस लीग की संयुक्त रूप से मेजबानी करता है। बीच में कुछ साल तक के लिए लीग आयोजित नहीं हो पाई थी। लेकिन 2026 में फिर से इसकी शुरुआत हुई है, जोकि इस लीग का पांचवां सीजन है। इस बार लीग में कुल छह टीमें भाग ले रही है। इस बार लीग का आयोजन नोएडा में किया जा रहा है।
- प्रीमियर बैडमिंटन लीग (PBL)
देश में बैडमिंटन को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रीमियर बैडमिंटन लीग (PBL) की शुरुआत की गई थी। भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) के द्वारा आयोजित होने वाली इस लीग का नाम पहले इंडियन बैडमिंटन लीग (आईबीएल) था, जिसे बाद में 2016 में दूसरे सत्र की शुरुआत से पहले प्रीमियर बैडमिंटन लीग (PBL) कर दिया गया। इस लीग का मकसद भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को विदेशी खिलाड़ियों के साथ खिलाना है, ताकि वे उनके खेल को जान सके और उनसे अनुभव हासिल कर सकें।
- अल्टीमेट टेबल टेनिस (UTT)
टेबल टेनिस खिलाड़ियों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए देश में साल 2017 में अल्टीमेट टेबल टेनिस (UTT) की शुरुआत की गई थी। पेशेवर स्तर की इस लीग में 8 टीमें भाग लेती हैं और इसका आयोजन टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा आयोजित किया जाता है। साल 2025 में अल्टीमेट टेबल टेनिस (UTT) के छठे सीजन का आयोजन किया गया, जिसमें गोवा चैलेंजर्स ने दिल्ली को हराकर खिताब जीता।
- प्राइम वॉलीबॉल लीग (PVL)
देश में वॉलीबॉल जैसे खेलों को बढ़ावा देने के लिए फरवरी 2022 में पुरुषों की एक पेशेवर इंडोर वॉलीबॉल लीग- प्राइम वॉलीबॉल लीग (PVL) की शुरुआत की गई थी। लीग का आयोजन बेसलाइन वेंचर्स के द्वारा किया जाता है। साल 2025 में प्राइम वॉलीबॉल लीग का चौथा सीजन अक्टूबर में खेला गया था। इसमें कुल 10 टीमों ने हिस्सा लिया।














