नई दिल्ली: भारतीय पुरुष और महिला टीम मंगलवार से शुरू हो रही 2026 विश्व टीम टेबल टेनिस चैंपियनशिप में उम्मीद और दबाव के जाने-पहचाने मेल के साथ उतरेंगी। मानव ठक्कर (विश्व रैंकिंग 38), जी साथियान (42), मानुष शाह (51), हरमीत देसाई (80) और पायस जैन (127) की मौजूदगी वाली भारतीय पुरुष टीम ग्रुप सात में स्लोवाकिया, ट्यूनीशिया और ग्वाटेमाला के खिलाफ प्रबल दावेदार के तौर पर शुरुआत करेगी।
भारतीय टीम को इस बड़े टूर्नामेंट से पहले खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की ओर से आर्थिक मदद मिली है। इस टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए भारतीय टीम को करीब 90 लाख रुपये दिया गया है। इसका मकसद साफ है कि खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
इस तैयारी के लिए SAI ने सिर्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का ही इंतजाम नहीं किया बल्कि पहले से ही कैंप भी लगाए। बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में 13 से 19 अप्रैल तक राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। इसमें खिलाड़ियों को तकनीक और फिटनेस पर काम करने का मौका मिला।
इसके बाद टीम को इंग्लैंड के शेफील्ड में विदेशी प्रशिक्षण दिया गया। यह कैंप 21 से 26 अप्रैल तक चला। इसका खर्च करीब 20 लाख रुपये से ज्यादा था। यहां खिलाड़ियों को यूरोपीय परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिया गया ताकि वे मैच के दौरान बेहतर ढंग से खुद को ढाल सकें।
SAI ने करीब 60 लाख रुपये की राशि टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी दी है। इसमें खिलाड़ियों की यात्रा, रहने, खाने और अन्य जरूरी खर्च शामिल हैं।
इस बार भारतीय टीम में पुरुष वर्ग में मानव ठक्कर, मनुष शाह, जी साथियान, हरमीत देसाई और पयास जैन शामिल हैं। महिला टीम में मनिका बत्रा, यशस्विनी घोरपड़े, दिया चिताले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंद्रेला दास खेल रही हैं।
कोचिंग की जिम्मेदारी मासिमो कॉन्स्टेंटिनी, सौरभ चक्रवर्ती और सोमनाथ घोष के पास है। टीम का लक्ष्य साफ है। इस बार वह सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि पदक की दौड़ में आगे तक जाना चाहती है।

















