नई दिल्ली: लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच आईपीएल 2026 के 38वें मैच में केकेआर के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ यानी के फील्ड में बाधा पहुंचाने के कारण आउट दिए जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंपायर के फैसले की अब चारों तरफ आलोचना हो रही है।
इस बीच, आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। मोदी का मानना है कि रघुवंशी को ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ के कारण आउट दिए जाने का अंपायर का फैसला गलत था। ललित ने कहा कि उन्होंने क्लिप कई बार देखी और ऐसा नहीं लगा कि बल्लेबाज ने अपना दौड़ने का रास्ता बदला।
ललित मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे लगता है कि रविवार रात हुए मैच में अंपायर का फैसला गलत था। क्लिप को बार-बार देखा। आईपीएल फैंस का आउट और नॉट-आउट दोनों पर एक ही नजरिया है। जांच कमेटी को तय करने दें कि यह अच्छा फैसला था या बुरा। मैं, सच कहूं तो दूर बैठकर टीवी पर देख रहा था; मुझे लगा कि उन्होंने (अंगकृष रघुवंशी) दिशा नहीं बदली।”
मैच में केकेआर की पारी के पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर प्रिंस यादव के खिलाफ अंगकृष ने मिड-ऑन की तरफ शॉट खेला और तेजी से रन चुराने के लिए दौड़े। हालांकि, दूसरे छोर पर खड़े कैमरून ग्रीन ने उन्हें वापस भेज दिया। अंगकृष ने अपना विकेट बचाने के प्रयास में डाइव लगाई।
इसी दौरान फील्डर का थ्रो सीधा उनके पैर पर आकर लगा, जिसके बाद एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत और बाकी खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की। मैदानी अंपायर्स ने थर्ड अंपायर की मदद ली और अंगकृष को ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ के कारण आउट करार दे दिया गया।
अंगकृष अंपायर के फैसले से काफी नाखुश दिखे और उन्होंने पवेलियन लौटते हुए बाउंड्री रोप पर अपना बल्ला जोर से मारा। इसके साथ ही उन्होंने गुस्से में अपना हेलमेट भी फेंक दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स के हेड कोच अभिषेक नायर भी अंपायर के इस फैसले पर भड़के दिखाई दिए और उन्होंने अंपायर्स संग काफी देर तक बातचीत भी की।
कोलकाता ने इस मैच में लखनऊ को सुपर ओवर में हराकर इस सीजन की अपनी दूसरी जीत दर्ज कर ली। वहीं, छठी हार के बाद लखनऊ की टीम अंकतालिका में सबसे नीचे 10वें नंबर पर खिसक गई है।















