भारत के करीब आधे एडल्ट्स WHO के फिजिकल एक्टिविटी लेवल को पूरा नहीं करते। ये ट्रेंड स्वास्थ्य की गंभीर चिंताएं पैदा करता है। इससे सुस्त लाइफस्टाइल बढ़ रही है। सवाल है कि क्या फिजिकल एक्टिविटी की कमी का असर स्टैमिना पर भी पड़ता है? स्टैमिना पूरे दिन की एनर्जी और फोकस बनाए रखने की चाबी होती है। स्टैमिना बेहतर होने से ना सिर्फ आपकी शारीरिक सहनशक्ति बढ़ती है, बल्कि आपकी ओवरऑल वेल-बीइंग बेहतर होती है।
क्या होता है स्टैमिना?
स्टेमिना शरीर और मन की वह क्षमता होती है, जो लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक गतिविधियों को बिना थके जारी रखने में मदद करती है। इसे ‘सहनशक्ति’ भी कहते हैं, जो थकान को कम कर ऊर्जा स्तर बनाए रखती है और तनाव झेलने की क्षमता बढ़ाती है।
जब आपका स्टैमिना कम होता है, तो आप सीढ़ियां चढ़ने जैसी आसान रोज़ाना की एक्टिविटी के भी थका हुआ महसूस कर सकते हैं। अपना स्टैमिना बढ़ाने के लिए आपको फिजिकली एक्टिव रहना होगा।
स्टैमिना का महत्व
स्टैमिना बेहतर ज़िंदगी के साथ मेंटली और फिजिकली हेल्दी रहने के लिए बहुत ज़रूरी है। अगर आप एक एथलीट हैं, वर्किंग प्रोफेशनल हैं, या उम्र बढ़ने के साथ एक्टिव रहना चाहते हैं, तो अच्छा स्टैमिना होने से आपको मदद मिलती है।
- काम करने में आसानी
अधिक स्टैमिना होने से आप बिना थके लंबे समय तक चलने, वज़न उठाने या खड़े रहने जैसी फिजिकल एक्टिविटी कर सकते हैं। - एथलेटिक परफॉर्मेंस बेहतर
अगर आप एक एथलीट या फिटनेस के शौकीन हैं, तो अधिक स्टैमिना आपको अधिक मेहनत और लंबे समय तक एक्टिव रखने में मदद कर सकता है। इससे आपकी परफॉर्मेंस बेहतर होती है। - मेंटल फोकस
बेहतर स्टैमिना से मेमोरी और कॉन्संट्रेशन के काम बेहतर तरीके से कर सकते हैं, जो प्रोडक्टिविटी के लिए ज़रूरी होता है। - हेल्थ को बढ़ावा
बेहतर स्टैमिना से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी पुरानी बीमारियों का खतरा कम होता है।
एनर्जी लेवल को प्रभावित करती है डाइट?
स्टैमिना बनाने में डाइट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। आपके खाने का असर सीधा आपके शरीर पर पड़ता है। क्योंकि, खाने का इस्तेमाल आपका शरीर एनर्जी बनाने में करता है। इसलिए, हाई एनर्जी लेवल बनाए रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट जैसे मैक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर बैलेंस्ड डाइट ज़रूरी होता है। जो लोग वर्कआउट से पहले कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और लीन प्रोटीन से भरपूर बैलेंस्ड खाना खाते हैं, उन्हें पूरे दिन अधिक एंड्योरेंस और कम थकान महसूस होती है।
- कार्बोहाइड्रेट
कार्बोहाइड्रेट आपके शरीर के लिए एनर्जी का मुख्य स्रोत होता हैं। ओट्स, साबुत अनाज जैसे कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट खाने से पूरे दिन हाई एनर्जी मिलती है। - प्रोटीन
प्रोटीन मसल्स को रिपेयर और बनाने में मदद करते हैं, जो एंड्योरेंस एक्टिविटीज़ के लिए ज़रूरी होता है। स्टैमिना के लिए चिकन, मछली और फलियां जैसे लीन प्रोटीन वाले फ़ूड बहुत अच्छे होते हैं। - फ़ैट
एवोकाडो, नट्स और ऑलिव ऑयल जैसे फ़ूड सोर्स से मिलने वाले हेल्दी फ़ैट लंबे समय तक चलने वाला एनर्जी रिज़र्व देते हैं। वे ओवरऑल एनर्जी बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करते हैं। खासकर, फिजिकल मेहनत के दौरान भी लंबे समय तक बने रहते हैं।
स्टैमिना बढ़ाने में फ़ूड की भूमिका
कुछ ऐसे फ़ूड होते हैं, जो आपकी एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करते हैं।
- केला
नैचुरल शुगर, कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम का एक बड़ा सोर्स है। केला तुरंत एनर्जी देता है और मसल्स में ऐंठन को रोकने में मदद करता है। - ओट्स
कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, ओट्स लंबे समय तक चलने वाली एनर्जी देते हैं और ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने में मदद करते हैं। - अंडा
अंडा में हाई-क्वालिटी प्रोटीन और ज़रूरी अमीनो एसिड होते हैं, जो मसल्स की मरम्मत और एंड्योरेंस में मदद करते हैं। - बादाम
बादाम हेल्दी फैट का एक रिच सोर्स हैं। इसमें फाइबर और विटामिन E होता है। ये लंबे वर्कआउट के दौरान एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं। - पालक
पालक आयरन और नाइट्रेट से भरपूर होता है। ये शरीर में ऑक्सीजन के फ्लो को बेहतर बनाता है, जिससे स्टैमिना बढ़ता है और थकान कम महसूस होती है। - शकरकंद
शकरकंद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो लगातार एनर्जी देते हैं।
एक्सरसाइज़ से स्टैमिना कैसे बढ़ाएं?
फिजिकल एक्टिविटी स्टैमिना बनाने और बढ़ाने के सबसे अच्छे और असरदार तरीकों में से एक है। एक एडल्ट को हर हफ़्ते कम से कम 150 मिनट मध्यम या 75 मिनट तेज एक्सरसाइज़ करनी चाहिए। इन गाइडलाइंस को पूरा न करने से टाइप 2 डायबिटीज़, दिल की बीमारी, डिमेंशिया से लेकर गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है।
कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज
दौड़ना, तैरना, साइकिल चलाना और तेज चलना दिल और फेफड़ों के काम को बेहतर बनाता है, जिससे आपका शरीर ऑक्सीजन का अधिक अच्छे से इस्तेमाल कर पाता है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
वेट लिफ्टिंग और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग मसल्स एंड्योरेंस को बेहतर बनाती है। जिससे आपको आसानी से थके बिना फिजिकल एक्टिविटी करने में मदद करती है। हफ्ते में कम-सेःकम दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से स्टैमिना काफी बढ़ सकता है। साथ ही मसल्स की ताकत और मेटाबॉलिज्म में सुधार हो सकता है।
हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग
हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) में आराम के समय के दौरान थोड़ी देर के लिए तीव्र एक्सरसाइज आपके कार्डियोवैस्कुलर एंड्योरेंस को बढ़ाता है और फैट बर्न करता है। HIIT करने से कम से कम चार हफ्तों में स्टैमिना बेहतर हो सकता है।
योग और स्ट्रेचिंग
योग फ्लेक्सिबिलिटी, बैलेंस और मेंटल फोकस को बेहतर बनाता है, जो फिजिकल और कॉग्निटिव कामों में स्टैमिना बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है।
स्टैमिना कम होने के कारण
- खराब डाइट
जो लोग बहुत अधिक प्रोसेस्ड फूड, मीठे स्नैक्स और अनहेल्दी फैट खाते हैं, उन्हें एनर्जी क्रैश और कम स्टैमिना की शिकायत होती है। - फिजिकल एक्टिविटी की कमी
एक सेडेंटरी लाइफस्टाइल आपकी मसल्स और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को कमजोर कर सकती है और रोज़ाना के काम करने में मुश्किलें पैदा कर सकती है। - डिहाइड्रेशन
हाइड्रेटेड रहने के लिए कम-से-कम 3 से 4 लीटर पानी पीना ज़रूरी है। डिहाइड्रेशन से थकान, चक्कर आना और स्टैमिना में कमी आ सकती है। - नींद की कमी
जो लोग ठीक से आराम नहीं कर पाते या अच्छी नींद नहीं लेते हैं, उनके शरीर की एनर्जी रिकवर और रीजेनरेट करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे फिजिकल और मेंटल दोनों तरह का स्टैमिना कम हो जाता है। - आजकल पुरानी बीमारियों में स्ट्रेस एक बड़ी और आम वजह है। पुराना स्ट्रेस कोर्टिसोल लेवल बढ़ाता है, जिससे एनर्जी कम हो सकती है और समय के साथ स्टैमिना पर बुरा असर पड़ सकता है।
- स्मोकिंग और शराब
स्मोकिंग और शराब पीने की बुरी आदतें आपके नर्वस सिस्टम पर बुरा असर डाल सकती हैं। जिससे शरीर में सूजन हो सकता है। इससे नींद, एनर्जी लेवल और हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं।
स्टैमिना वह सहनशक्ति है, जो आपके शरीर को शारीरिक या मानसिक काम करने के लिए चाहिए। आप बैलेंस्ड एक्सरसाइज़, न्यूट्रिशन, सप्लीमेंट और कॉग्निटिव टेक्नीक से आसानी से अपना स्टैमिना सुधार सकते हैं। कोई भी नया रूटीन, डाइट या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम है।


















