क्या आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं? अगर हाँ, तो कार्डियो एक्सरसाइज़ या कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ आपके दिल को पंप कर सकती है। साथ ही आपके शरीर को असरदार तरीके से कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकती है।
कई कार्डियो एक्सरसाइज़ वज़न घटाने में कारगर होती है। लेकिन, क्या हो सही एक्सरसाइज़, इसके चयन पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
एडल्ट के लिए कार्डियो एक्सरसाइज़ आइडियल
कार्डियो एक्सरसाइज़ किसी भी एडल्ट के लिए करना आइडियल है। हर हफ़्ते 150 मिनट की मीडियम-इंटेंसिटी वाली एरोबिक एक्सरसाइज़ कर सकते है। जबकि, हर हफ़्ते 75 मिनट की ज़ोरदार एक्सरसाइज़ से भी उतना ही फायदा होगा। दोनों का कॉम्बिनेशन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
वज़न घटाने के लिए कार्डियो एक्सरसाइज ज़रूरी क्यों?
ऐसी बहुत-सी एक्सरसाइज़ हैं, जिससे आप बहुत सारी कैलोरी बर्न कर सकते हैं। इनमें कार्डियो एक्सरसाइज कैलोरी बर्न करने का एक शानदार तरीका है। कार्डियो या एरोबिक एक्सरसाइज में साइकिल चलाना, चलना, दौड़ना या हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग शामिल हैं। जो वज़न घटाने और पूरी फिटनेस के लिए ज़रूरी हैं। आप अपने डेली रूटीन में मज़ेदार और टिकाऊ एक्टिविटीज़ शामिल करें, ताकि आप लगातार प्रैक्टिस कर सकें। 30 मिनट का कार्डियो वर्कआउट रूटीन आपके वज़न घटाने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काफ़ी है। बैलेंस्ड डाइट के साथ कार्डियो एक्सरसाइज करने से आप और अधिक लाभ पा सकते है। वज़न कम करने के लिए आपको कैलोरी डेफिसिट बनाए रखना होगा। यानी, जितनी कैलोरी आप लेते हैं, उससे अधिक कैलोरी बर्न करना होगा।
कार्डियो एक्सरसाइज के फायदे
- हार्ट रेट और मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है और फैट बर्न होता है |
- दिल और फेफड़ों मज़बूत होता है |
- मूड और स्टैमिना को बढ़ाता है |
- कार्डियो इम्यून सिस्टम की सुरक्षा करता है |
- भूख को कंट्रोल करने पर भी असर डालता है |
HIIT ट्राई करें
हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) एक बेहतर ऑप्शन है। खासकर तब, जब आपके पास समय की कमी हो। शुरुआत में, आप इसे आसान एक्सरसाइज चुन सकते हैं जो आपके लिए सबसे अच्छा है।
कार्डियो एक्सरसाइज़ वज़न घटाने में कारगर
पुरुषों में महिलाओं की तुलना में लीन मसल मास और बॉडी वेट औसतन अधिक होता है। इससे वर्कआउट के दौरान उनके द्वारा बर्न की जाने वाली कैलोरी पर असर पड़ता है। कार्डियो एक्सरसाइज़ शुरू करने के लिए कोई आइडियल वज़न का होना जरूरी नहीं होता है। ये कई बातों पर निर्भर करता है। जैसे-
उम्र
जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपके शरीर की फैट बर्न करने की क्षमता कम होती जाती है। इसलिए, आप कम कैलोरी बर्न होने की उम्मीद कर सकते हैं।
बॉडी कंपोज़िशन
कम मसल मास के मुकाबले अधिक मसल मास वाले लोग अधिक कैलोरी बर्न करते हैं।
वर्कआउट की इंटेंसिटी
आप जितनी तेज़ी से दौड़ते हैं या कोई वर्कआउट ज़ोरदार तरीके से करते हैं, तो आप प्रति मिनट उतनी ही अधिक कैलोरी बर्न करते हैं।
सेक्स
महिलाओं की तुलना में, पुरुषों के शरीर की बनावट के कारण वे अधिक फैट जल्दी बर्न करते हैं।
हर दिन करें वर्कआउट
रोज़ एक्टिविटीज़ करना काफी मायने रखती हैं। हर दिन कम-से-कम 30 मिनट वर्कआउट का लक्ष्य रखें। आप जितने अधिक सुस्त या आलसी होंगे, उतनी ही कम कैलोरी बर्न करेंगे।
हेल्थ गोल
वर्कआउट के लिए हेल्थ गोल सेट करना बेहतर होता है। गोल सेट करने पर आप समर्पित होकर अपने लक्ष्य को हासिल कर सकेंगे।
बॉडी मास इंडेक्स कैलकुलेट करें
बॉडी मास इंडेक्स (BMI) वजन (किलोग्राम) को ऊंचाई (मीटर) के वर्ग से विभाजित करके निकाला जाता है। ये शरीर में फैट का अनुमान लगाने का एक टूल है।
BMI की गणना कैसे करें
BMI निकालने के लिए आप अपना वजन (किलोग्राम में) मापें। अपनी ऊंचाई (मीटर में) मापें। ऊंचाई का वर्ग (m²) निकालें। वजन (किलोग्राम) को ऊंचाई के वर्ग से भाग दें। जैसे- यदि वजन वजन 70 किलोग्राम है। और ऊंचाई 1.75 मीटर है, तो 70 में 1.70 गुणा 1.70 से भाग दें। यदि भागफल 18.5 से कम है तो आपका वजन कम है। यदि भागफल 18.5 से 24.9 है तो आपका वजन सामान्य है। यदि भागफल 25 से 29.9 है तो आपका वजन अधिक है। अगर भागफल 30 से अधिक है तो आपको मोटापा है।
वज़न घटाने के लिए दूसरी कार्डियो एक्सरसाइज़
अधिक फैट बर्न करने में आपकी मदद करने के लिए और भी कई कार्डियो वर्कआउट , जैसे- दौड़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, स्विमिंग, डांसिंग और तेज़ चलना। इसके अलावा आप हाइकिंग, एलिप्टिकल मशीन, रोइंग, बॉक्सिंग, ट्रैम्पोलिनिंग, स्क्वाट जंप, सीढ़ी चढ़ना, ट्रेड मिल, एक्सरसाइज़ बाइक की भी मदद से फैट बर्न कर सकते हैं।
हफ्ते में 3-5 बार 30 मिनट का कार्डियो सेशन शुरुआती लोगों के लिए या फिटनेस बनाए रखने के लिए काफी होता है। पहले दिन आप छाती, कंधों और ट्राइसेप्स के लिए 10 के तीन सेट कर सकते हैं। दूसरे दिन पैरों के लिए 10 के तीन सेट करें। तीसरे दिन पीठ, बाइसेप्स और एब्स के लिए 10 के तीन सेट करें। स्ट्रेचिंग आपके जोड़ों को मूव कर सकता है, जिससे वे अधिक फ्लेक्सिबल हो जाते हैं और आप रोजाना के काम अधिक कर पाते हैं।
बैलेंस्ड डाइट जरूरी
वजन कम करने के लिए बैलेंस्ड डाइट जरूरी होता है। बैलेंस्ड डाइट के साथ कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को मिलाने से आप जितनी कैलोरी लेते हैं, उससे अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं। इसे कैलोरी डेफिसिट कहा जाता है। ये वज़न घटाने का एक असरदार तरीका है।
हर रोज़ कार्डियो एक्सरसाइज़ करने के नुकसान
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। रोज़ाना एरोबिक या कार्डियो एक्सरसाइज़ आपको वज़न कम करने, स्ट्रेस कम करने, मूड अच्छा करने और आपकी हड्डियों, मसल्स और जोड़ों को मज़बूत करने में मदद कर सकती हैं। लेकिन, आप इसे अपनी क्षमता से अधिक कर रहे हैं, तो इससे नुकसान भी हो सकता है। जिससे मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। इससे आसान एक्सरसाइज़ करना भी मुश्किल हो जाता है। फोकस और जोश की कमी आती है। नींद खराब होती है। इसलिए, आपको अपनी फिटनेस और पूरी हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए क्षमता के अनुसार ही कार्डियो एक्सरसाइज करना चाहिए।


















