- वैभव सूर्यवंशी (क्रिकेट)
क्रिकेट में अगर इस समय कोई सबसे बड़ा उभरता हुआ नाम है, को वह है बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी। वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लगभग हर मैच आग उगल रहा है और इसी के दम पर उन्होंने अब तक कई बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिए हैं। वैभव ने 12 साल की उम्र में बिहार के लिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी में 5 मैचों में लगभग 400 रन बना दिए थे। वैभव के नाम अंडर-19 विश्व कप में सबसे युवा अर्धशतक और यूथ वनडे में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड शामिल है। वह विराट कोहली का भी रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। इसके अलावा वह आईपीएल में शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं।
- अमन यादव (क्रिकेट)
असम अंडर-16 टीम के कप्तान अमन यादव ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी में बल्ले से ऐसा तूफान मचाया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। अमन ने 6 मैचों में 5 शतक के साथ 700 से अधिक रन बनाये है।
- मुशीर खान (क्रिकेट)
मुंबई के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान कांगा लीग में कहर बरपाकर कम उम्र में सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर कई शानदार रिकॉर्ड बनाए हैं। मुशीर खान ने मार्च 2024 में सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड तोड़कर रणजी ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के मुंबई के बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया था। मुशीर ने साथ ही 2024 अंडर-19 विश्व कप में दो शतक बनाए और दलीप ट्रॉफी में पदार्पण करते हुए भी शतक जड़ा था।
- डी गुकेश (शतरंज)
भारत के युवा ग्रैंडमास्टर डी गुकेश 18 वर्ष की आयु में निर्विवादित विश्व शतरंज चैंपियन बनने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। वह भारत के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर भी बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं।
- रमेशबाबू प्रज्ञानानंदा (शतरंज)
शतरंज इतिहास के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर्स में से एक आर प्रज्ञानानंदा अपने छोटे से करियर में वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी मात दे चुके हैं।
- गोंगडी त्रिशा (क्रिकेट)
त्रिशा ने 2025 के अंडर-19 महिला T20 विश्व कप के दौरान, 12 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 53 गेंदों में शतक जड़ा, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में पहला था। इसी वर्ल्ड कप के फाइनल में 3 विकेट लेने के साथ 44 रनों की नाबाद पारी खेली। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के साथ मैच ऑफ द सीरीज का भी पुरस्कार दिया गया।
- मनु भाकर (निशानेबाजी)
मनु भाकर निशानेबाजी में भारत की सबसे बड़ी उभरती हुई निशानेबाज है। वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वालीं पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में यह कारनामा किया। 23 साल की ओलंपिक के अलावा वह ISSF विश्व कप और युवा ओलंपिक में भी कई स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
- मीराबाई चानू (भारोत्तोलन)
मीराबाई चानू ने पिछले एक दशक से अपनी सनसनी प्रदर्शन से भारतीय वेटलिफ्टिंग को नई ऊंचाइयां दी है। 2016 रियो ओलंपिक की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
- लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी)
लवलीना बोरगोहेन, एमसी मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद ओलंपिक में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज हैं। लवलीना ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में महिलाओं की 69 किग्रा में कांस्य पदक अपने नाम किया था। दिलचस्प बात यह थी कि टोक्यो 2020 ओलंपिक में पूर्व ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम सहित कुल 9 भारतीय मुक्केबाज रिंग में उतरे थे, लेकिन इनमें से सिर्फ़ लवलीना ही पदक जीतने में सफल हो पाई थी। इसके अलावा उन्होंने 2023 में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर मैरी कॉम के बाद विश्व खिताब जीतने वाली दूसरी मुक्केबाज बनीं।
- जेरेमी लालरिननुंगा (भारोत्तोलन)
जेरेमी लालरिनुंगा ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले उन्होंने 2018 यूथ ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। लालरिननुंगा का वह पदक राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में देश का पांचवां पदक और आयोजन में उनका दूसरा स्वर्ण पदक था।
- गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन)
गायत्री गोपीचंद, दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद की बेटी हैं। गायत्री गोपीचंद बैडमिंटन में महिला युगल में खेलती हैं। वह ट्रीसा जॉली के साथ कोर्ट पर उतरती हैं। गायत्री और ट्रीसा ने 2019 साउथ एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था। इसी टूर्नामेंट में गायत्री ने स्वर्ण पदक जीता था। गायत्री के नाम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में भी दो पदक है। इसके अलावा वह ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में भी पहुंच चूकी हैं।
- निकहत ज़रीन(मुक्केबाजी)
भारतीय महिला मुक्केबाज निखत जरीन ने अपने करियर में अब तक दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीता है। इसके अलावा वह 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
- सिफत कौर समरा (निशानेबाजी)
युवा निशानेबाज सिफत कौर समरा ने 2022 एशियाई खेलों में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। 24 साल की सिफत के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई छोड़कर निशानेबाजी में करियर बनाया।
- अनीश भनवाला (निशानेबाजी)
युवा निशानेबाज अनीश भनवाला के नाम 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में 15 वर्ष की आयु में स्वर्ण जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय निशानेबाज बनने का रिकॉर्ड है। 23 साल के अनीश 2025 ISSF विश्व चैंपियनशिप में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में रजत पदक जीत चुके हैं, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में से एक थी।
- त्रिशा जॉली (बैडमिंटन)
त्रिशा जॉली को बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी मानी जा रही है। वह हैदराबाद में पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में ट्रेनिंग लेती हैं। त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स 2024 के लिए क्वालीफाई की थी। त्रिशा ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने के अलावा साल 2024 और 2025 में लगातार दो साल सैयद मोदी इंटरनेशनल खिताब जीते हैं।
















