• Home
  • ओलंपिक
  • भारत की टॉप-5 महिला पैरा ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी
भारत की टॉप-5 महिला पैरा ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी

भारत की टॉप-5 महिला पैरा ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी

1- अवनि लेखरा (शूटिंग):

अवनि लेखरा को पैरालंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला होने का श्रेय प्राप्त है। जयपुर की रहने वाली अवनि 2012 में ही 11 साल की उम्र में एक कार दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इसके कारण उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आ गई और वो व्हीलचेयर पर आ गई। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और शूटिंग में नया इतिहास रचा। उन्होंने टोक्यो 2020 में 10 मीटर एयर राइफल (SH1) में स्वर्ण पदक के अलावा 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में कांस्य जीता था। टोक्यो के बाद उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी स्वर्ण पर निशाना लगाया। अवनि ने 2024 पेरिस पैरालंपिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 249.7 अंकों के साथ एक नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया।

2- भाविनाबेन पटेल (टेबल टेनिस):

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल के नाम भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वह पैरालंपिक में टेबल टेनिस में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। भाविनाबेन पटेल ने 2020 टोक्यो पैरालंपिक में टेबल टेनिस (क्लास 4) में सिल्वर मेडल जीता। भाविना जब केवल 12 महीने की थीं, तब वे चलते समय गिर गईं, जिससे उन्हें पोलियो हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण भाविनाबेन पटेल के सामने कई तरह की चुनौतियां आई, लेकिन उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर अपनी सफलता की कहानी लिखी। उन्होंने हाल में ITTF वर्ल्ड पैरा रैंकिंग (व्हीलचेयर महिला एकल क्लास 4) में नंबर 1 स्थान हासिल किया है। पटेल के नाम एक ही सीजन में 13 13 अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने का रिकॉर्ड है।

3- दीपा मलिक (शॉटपुट):

दीपा मलिक पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। दीपा का जीवन संघर्ष और अदम्य साहस की एक मिसाल है। 1999 में कमर के नीचे लकवाग्रस्त (पैराप्लेजिक) होने और 31 सर्जरी के बाद दीपा ने 36 साल की उम्र में खेलों में आने का फैसला किया, जबकि इस उम्र में अक्सर लोग संन्यास तक ले लेते हैं। दीपा ने 2016 रियो ओलंपिक खेलों में शॉटपुट (गोला फेंक) की F53 श्रेणी में 4.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया। साल 2012 में दीपा को अर्जुन पुरस्कार और उसके बाद पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। दीपा की उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए उन्हें साल 2019 में राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया। वह भारतीय पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष भी रही हैं।

4- प्रीति पाल (एथलेटिक्स):

प्रीति पाल के नाम पैरालंपिक में ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट होने का रिकॉर्ड है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक किसान की बेटी प्रीति लगभग 10 साल की उम्र तक ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती थीं और उन्हें चलने के लिए विशेष जूते और कैलीपर्स (calipers) पहनने पड़ते थे। लेकिन इन बाधाओं को दूर करते हुए उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक खेलों में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। प्रीती ने महिलाओं की 100 मीटर T35 और 200 मीटर T35 स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक अपने नाम किए थे।

5- शीतल देवी (तीरंदाजी):

महिला पैरा तीरंदाज शीतल देवी की कहानी हर लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत है। जन्म से हाथ न होने के बावजूद, उन्होंने अपने पैरों और ठुड्डी का उपयोग करके तीरंदाजी में महारत हासिल की और विश्व स्तर पर इतिहास रचा है। पैरा तीरंदाजी में कई रिकॉर्ड बनाने वाली शीतल देवी के नाम विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और पैरालंपिक खेलों में सबसे कम उम्र की भारतीय पदक विजेता बनने का रिकॉर्ड है। शीतल देवी ने केवल 17 साल की उम्र में ही 2024 पेरिस पैरालंपिक खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा दिया।

Releated Posts

भारतीय ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानी

1- केडी जाधव (कुश्ती 1952): आजादी के बाद भारत के लिए ओलंपिक में पहला व्यक्तिगत पदक केडी जाधव…

ByByKaushal Kishor Feb 24, 2026

पेरिस ओलंपिक में आधी आबादी की पहली दस्तक

पेरिस का ग्रीष्मकालीन ओलंपिक महिलाओं के लिए एक नई क्रांति लेकर आई. जब महिलाओं ने पहली बार ओलंपिक…

ByByKaushal Kishor Feb 21, 2026

ओलंपिक में बेहद करीबी अंतर से पदक गंवाने वाले भारतीय खिलाड़ी

ओलंपिक इतिहास में कई भारतीय खिलाड़ियों ने करीबी अंतर से पदक गंवाए हैं। इन खिलाड़ियों ने भले ही…

ByByKaushal Kishor Feb 21, 2026

ओलंपिक में भारतीय महिलाएं: आधी सदी के जुनून से मिली कामयाबी

भारत की ओलंपिक विरासत में महिलाओं की भूमिका भी बेहद अहम रही है। महिला खिलाड़ियों ने ओलंपिक जैसे…

ByByKaushal Kishor Feb 21, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top