भारत जैसे खेल प्रेमी देशों में, एक ऐसी आवाज होती है जो मैचों का वर्णन करती है, और यह फैंस के अनुभव का हिस्सा बन जाती है। दशकों से ये आवाजें ज़्यादातर पुरुषों की ही रही हैं। लेकिन कमेंट्री के क्षेत्र में अब बदलाव आ रहा है। चाहे विश्लेषणात्मक लहजे में हो या भावनात्मक अंदाज में, महिला कमेंटेटर आज खेल प्रसारण में वास्तविकता बन गई हैं, क्योंकि महिलाएं क्रिकेट, फुटबॉल और यहां तक कि ओलंपिक जैसे आयोजनों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। ये महिलाएं अब हाशिये या स्टूडियो तक सीमित नहीं हैं, बल्कि माइक के जरिये भी लाखों लोगों के दिलों में जगह बना रही हैं। आइये आपको भारत की टॉप महिला क्रिकेटरों से मिलवाते हैं।
मयंती लैंगर
मयंती लैंगर का खेल कमेंट्री का सफर एक क्रिकेटर के रूप में नहीं, बल्कि खेल के प्रति गहरी रुचि रखने वाली एक प्रसारक के रूप में शुरू हुआ। राजनीति विज्ञान में स्नातक पूरी करने के बावजूद उन्होंने उन्होंने खेल जगत में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बनाई है। अपनी सहजता, गहन विश्लेषण और उच्च दबाव वाले लाइव प्रसारणों को संभालने की क्षमता के लिए जानी जाने वाली मयंती हर आयोजन में एक अलग भाव लाती हैं। वह अक्सर खेल जगत की कुछ सबसे बड़ी हस्तियों के साथ अक्सर चर्चाओं का संचालन करने में माहिर मानी जाती हैं।
उपलब्धियां: बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रोजर बिन्नी का बहू और पूर्व क्रिकेटर स्टुअर्ट बिन्नी की पत्नी मयंती लैंगर ने 2010 फीफा विश्व कप, कई आईसीसी क्रिकेट विश्व कप और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सीजन कवर किए हैं। उन्हें अक्सर भारतीय टेलीविजन पर सबसे वाक्पटु और जानकार होस्ट में से एक माना जाता है।
अंजुम चोपड़ा:
पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंजुम, सीनियर स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मैदान पर उनके अनुभव से उनकी कमेंट्री में चार चांद लग जाती है। उनकी कमेंट्री अक्सर विश्लेषणात्मक, शांत और क्रिकेट से भरपूर होती है। वे जटिल परिस्थितियों को सरल भाषा में समझाती हैं और खिलाड़ियों की रणनीतियों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करती हैं।
उपलब्धियां: अंजुम चोपड़ा को पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के दौरान कमेंट्री करने वाली पहली महिला कमेंटेटरों में से एक माना जाता है। उन्होंने क्रिकेट पर किताबें लिखी हैं और भारत में महिला खेलों पर बनी डॉक्यूमेंट्री में भी काम किया है। मौजूदा समय में वह महिला प्रीमियर लीग (WPL) में कमेंट्री करती हुईं नजर आती हैं।
रीमा मल्होत्रा:
रीमा मल्होत्रा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेल चुकी हैं और उन्होंने खेल कमेंट्री की दुनिया में सहजता से कदम रखा है। रीमा की ताकत उनकी दमदार आवाज, क्रिकेट की गहरी समझ और जोशीली प्रस्तुति है। वह नई पीढ़ी की महिला कमेंटेटरों में एक उभरती हुई स्टार हैं।
उपलब्धियां: रीमा मल्होत्रा ने आईपीएल, महिला प्रीमियर लीग (WPL) और अंतरराष्ट्रीय मैचों में कमेंट्री की है। वह क्रिकेट कमेंट्री में महिलाओं की अधिक भागीदारी की मुखर समर्थक हैं।
संजना गणेशन:
मॉडलिंग से सुर्खियों में आने वाली संजना गणेशन ने बाद में चलकर टेलीविजन प्रस्तोता के रूप में खूब महफिल लूटी है। स्टार स्पोर्ट्स के साथ स्पोर्ट्स प्रजेंटर के रूप में उन्होंने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। संजना अपने आकर्षक ऑन-फील्ड साक्षात्कारों, खिलाड़ियों के साथ सहज तालमेल और प्रभावशाली स्क्रीन उपस्थिति के लिए जानी जाती हैं। हालांकि वे एक पारंपरिक कमेंटेटर की तुलना में अधिक प्रस्तोता हैं, लेकिन लाइव मैचों के दौरान उनका काम कमेंट्री और मनोरंजन का मिश्रण होता है।
उपलब्धियां: दिग्गज क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह की पत्नी संजना गणेशन ने आईसीसी विश्व कप 2019 और आईपीएल के दौरान अपनी कमेंट्री से दर्शकों को अपना दीवाना बनाया है। क्रिकेट के अलावा वह बैडमिंटन जैसे खेलों में भी कमेंट्री कर चुकी हैं।
















