पेरिस का ग्रीष्मकालीन ओलंपिक महिलाओं के लिए एक नई क्रांति लेकर आई. जब महिलाओं ने पहली बार ओलंपिक के मैदान में कदम रखा. आधी आबादी की ये क्रांति हथियारों से नहीं, बल्कि खेल के मैदानों पर दिखी. एथेंस में साल 1896 में ओलंपिक की शुरुआत के 4 साल बाद 1900 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक आयोजित की गई थी.
पेरिस ओलंपिक में शामिल कुल 997 खिलाड़ियों में मात्र 22 महिला प्रतिभागी शामिल हुईं. ओलंपिक जैसे खेलों में महिलाओं की भागीदारी कम जरूर थी, लेकिन उस जमाने में ये एक साहसिक और क्रांतिकारी कदम था. पेरिस ओलंपिक में महिलाओं ने टेनिस, नौकायन, क्रोकेट, घुड़सवारी और गोल्फ जैसी प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
पेरिस ओलंपिक में महिला प्रतिभागियों में सबसे चर्चित चेहरा स्विट्जरलैंड की हेलेन डी पोर्टेल्स का था. जब वे ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं. अमेरिकी मूल की स्विस नाविक हेलेन डी पोर्टेल्स ने पेरिस ओलंपिक में स्विट्जरलैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. हेलेन स्विस नाव लेरिना की क्रू सदस्य थीं, जिसने 1-2 टन वर्ग की पहली दौड़ में गोल्ड मेडल और दूसरी दौड़ में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने ओपन कैटेगरी में भी भाग लिया, लेकिन वे रेस पूरी नहीं कर पाईं. हेलेन की जीत आधी आबादी के लिए ऐतिहासिक थी. उन्होंने साबित कर दिया कि महिलाएं अब ओलंपिक जैसे खेल के बड़े आयोजनों में भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती हैं.
पेरिस ओलंपिक में शार्लोट कूपर स्टेरी ने टेनिस में एकल स्पर्धा जीती. फाइनल में हेलेन प्रीवोस्ट को सीधे सेटों में हरा कर पहली महिला ओलंपिक टेनिस चैंपियन के साथ-साथ पहली एकल महिला ओलंपिक चैंपियन भी बनीं. उन्होंने ब्रिटेन के रेजिनाल्ड डोहर्टी के साथ मिक्स्ड डबल में भाग लिया. मिक्स्ड डबल के फाइनल मुकाबले में उन्होंने हेलेन प्रीवोस्ट और हेरोल्ड महोनी को सीधे सेटों में हरा कर मेडल अपने नाम किया. टेनिस प्रतियोगिता में अमेरिकी खिलाड़ी मैरियनी जोन्स ने महिला एकल में कांस्य पदक और ग्रेट ब्रिटेन की लॉरेंस डोहर्टी के साथ मिक्स्ड डबल में भी कांस्य पदक जीता.
पेरिस ओलंपिक में एक और महिला खिलाड़ी ने गोल्फ में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. हालांकि, अमेरिकी महिला ओलंपिक चैंपियन मार्गरेट एबॉट को जीवन भर कभी पता ही नहीं चला कि उन्होंने इतिहास रच दिया है. दरअसल, पेरिस ओलंपिक में अधिकतर विजेताओं को ऐतिहासिक कलाकृतियां भेंट की गई थीं. एबॉट को खिताब जीतने पर चीनी मिट्टी का एक कटोरा दिया गया था. 1955 में उनके निधन के काफी समय बाद ये बात सामने आई कि मार्गरेट एबॉट ने पेरिस ओलंपिक में गोल्फ टूर्नामेंट जीता था. अब, एबॉट का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो चुका है.
घुड़सवारी जैसे साहसिक खेलों में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, और साबित किया कि पुरुषों के वर्चस्व वाले खतरनाक खेलों में भी भाग लेने में शारीरिक रूप से सक्षम हैं. हालांकि, घुड़सवारी में महिलाओं की संख्या बहुत कम थी.
पांच महीने से अधिक समय तक चले पेरिस ओलंपिक के कई खिलाड़ियों को ये भी पता नहीं था कि वे ओलंपिक जैसे खेल के बड़े आयोजनों में भाग ले रहे हैं. इसके बावजूद पेरिस ओलंपिक के खेलों ने महिलाओं के लिए ओलंपिक के दरवाजे खोल दिए.


















