भारत में कई महिला खिलाड़ियों ने खेल के मैदान पर सफलता के झंडे गाड़ने के बाद एक सफल खेल प्रशासक की भी भूमिका निभाई है। आइये आज हम आपको भारत की उन दिग्गज महिला खिलाड़ियों से मिलवाते हैं, जो खेल के मैदान में तिरंगा फहराने के बाद सफल प्रशासक भी बनीं हैं।
पीटी उषा
पीटी उषा ने 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 400 मीटर की बाधा दौड़ के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया था। कांस्य पदक से चुकने के बाद भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित कर दिया था। भारत की सबसे सफल एथलीटों में से एक पीटी उषा ने एशियाई खेलों में 4 स्वर्ण और 7 रजत सहित कुल 11 पदक जीते हैं। खेलों से संन्यास लेने के बाद वह एक सफल प्रशासक की भूमिका निभा रही है। दिसंबर 2022 में उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की पहली महिला अध्यक्ष चुना गया और वह अभी भी इस पद पर काबिज हैं।
अंजू बॉबी जॉर्ज
भारत की दिग्गज पूर्व लॉन्ग जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 पेरिस विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट, अंजू बॉबी जॉर्ज मौजूदा समय में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह केरल राज्य खेल परिषद और ‘खेलो इंडिया’ पहल से भी जुड़ी हुई हैं।
कर्णम मल्लेश्वरी
‘आयरन लेडी’ के नाम से मशहूर कर्णम मल्लेश्वर, ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भारोत्तोलक हैं। कर्णम मल्लेश्वरी ने 19 सितंबर 2000 को सिडनी ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में 54 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इसके साथ ही वह ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। मौजूदा समय में वह दिल्ली खेल विश्वविद्यालय (Delhi Sports University) की पहली कुलपति (Vice-Chancellor) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
दीपा मलिक
दीपा मलिक पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक खेलों में शॉटपुट (गोला फेंक) की F53 श्रेणी में 4.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता था। खेलों से संन्यास लेने के बाद वह भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। मौजूदा समय में वह एशियाई पैरालंपिक समिति के कार्यकारी बोर्ड में दक्षिण एशियाई क्षेत्र की प्रतिनिधि हैं।
शुभांगी कुलकर्णी
शुभांगी कुलकर्णी, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एक दिग्गज ऑलराउंडर रह चुकी हैं। उनके नाम 19 टेस्ट मैचों में 700 रन बनाए और 60 विकेट है। क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद वह भारतीय महिला क्रिकेट संघ (WCAI) की सचिव बनीं, जिसका कि 2006 में बीसीसीआई में विलय हो गया था। इसके अलावा वह ICC महिला क्रिकेट समिति में एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मौजूदा समय में वह बीसीसीआई की महिला समिति की सदस्य हैं।














